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दीवाली पर करें ये टोटके, लक्ष्मी माता करेंगी धनवर्षा

 


🛕 विशेष ज्ञानामृत 🛕

दीपावली में हर व्यक्ति चाहता है की लक्ष्मी उस पर प्रसन्न हो लक्ष्मी देवी को प्रसन्न करने और दीवाली पर धन पाने के कुछ उपाय आप सभी के लिए।


(1)- दीपावली पूजन में 11 कोड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मीजी को चढ़ाएं (एक प्लेट में रखकर अर्पण करें)। अगले दिन तीनों चीजें लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजौरी में या जहां पैसा रखते हों वहां, रख दें।


(2)- दीपावली के दिन अशोक वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है।


(3)- दीपावली के दिन पानी का नया घड़ा लाकर पानी भरकर रसोई में कपड़े से ढंककर रखने से घर में बरक्कत और खुशहाली बनी रहती है।


(4)- धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊँ बनाने से घर में लक्ष्मीजी (धन) का आगमन बना ही रहता है।


(5)- नरक चतुर्दशी छोटी दीपावली को प्रात:काल अगर हाथी मिल जाए तो उसे गन्ना या मीठा जरूर खिलाने से अनिष्ठों, जटिल मुसीबतों से मुक्ति मिलती हह्य। अनहोनी से सदेव रक्षा होती है।


(6)- दीपावली के पूजन के बाद शंख और डमरू बजाने से घर की दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहता है ।


(7)- दीपावली के दिन पति-पत्नी सुबह लक्ष्मी-नारायण विष्णु मंदिर जाएं और एक साथ लक्ष्मी-नारायणजी को वस्त्र अर्पण करने से कभी भी धन की कमी नहीं रहेगी। संतान दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की करेगी।


(8)- दीपावली के दिन इमली के पेड़ की छोटी टहनी लाकर अपनी तिजेरी या धन रखने के स्थान पर रखने से धन में दिनोंदिन वृद्धि होती है।


(9)- दीपावली के दिन काली हल्दी को सिंदूर और धूप दीप से पूजन करने के बाद 2 चाँदी के सिक्कों के साथ लाल कपड़े में लपेटकर धन स्थान पर रखने से आर्थिक समस्याएं कभी नहीं रहतीं।


(10)- दीपावली के अगले दिन गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें पुराने गुड़ की एक डेली और मीठा तेल डालकर दीपक जलाकर घर के मुख्य द्वार के बीचोंबीच रख दें। इससे घर में सुख-समृद्धि दिनों दिन बढ़ती रहेगी।


(11)- दीपावली के दिन मुक्तिधाम (श्मशानभूमि) में स्थित शिव मंदिर में जाकर दूध में शहर मिलाकर चढ़ाने से सट्टे और शेयर बाजार से धन अवश्य ही मिलता है।


(12)- दीपावली के दिन नया झाड़ू खरीदकर लाएं। पूजा से पहले उससे पूजा स्थान की सफाई कर उसे छुपाकर एक तरफ रख दें। अगले दिन से उसका उपयोग करें, इससे दरिद्रता का नाश होगा और लक्ष्मीजी का आगमन बना रहेगा।


(13)- दीपावली के दिन एक चाँदी की बाँसुरी राधा-कृष्णजी के मंदिर में चढ़ाने के बाद 43 दिन लगातार भगवान श्रीकृष्णजी के कोई भी मंत्र का जाप करें। गाय को चारा खिलाएं और संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। निश्चय ही भगवान श्रीकृष्णजी की कृपा से आपको संतान प्राप्ति अवश्य ही होगी।


(14)- दीपावली पर गणेश-लक्ष्मीजी की मूर्ति खरीदते समय यह अवश्य ही देखें कि गणेशजी की सूड़ गणेशजी की दांयी भुजा की ओर जरूर मुड़ी हो। इनकी पूजा दीपावली में करने से घर में रिद्धि-सिद्धि धनसंपदा में बढ़ोत्तरी, संतान की प्रतिष्ठा दिनोंदिन बढ़ती है।


(15)- भाईदूज के एक दिन एक मुट्ठी साबुत बासमती चावल बहते हुए पानी में महालक्ष्मीजी का स्मरण करते हुए छोड़ने से धन्य-धान्य में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होती है।


(16)- आंवले के फल में, गाय के गोबर में, शंख में, कमल में, सफेद वस्त्रों में लक्ष्मीजी का वास होता है इनका हमेशा ही प्रयोग करें। आंवला घर में या गल्ले में अवश्य ही रखें।


(17)- दीपावली के दिन हनुमान मंदिर में लाल पताका चढ़ाने से घर-परिवार की उन्नति के साथ ख्याति धन संपदा बढ़ाती है।


(18)- नरक चतुर्दशी की संध्या के समय घर की पश्चिम दिशा में खुले स्थान में या घर के पश्चिम में 14 दीपक पूर्वजों के नाम से जलाएं, इससे पितृ दोषों का नाश होता है तथा पितरों के आशीर्वाद से धन-समृद्धि  बढ़ोत्तरी होती है।

नहीं हो रहा विवाह तो अपनाए ये उपाय


विवाह के उपाय (Remedies and Upay to avoide late marriage)

समय पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की इच्छा के कारण माता-पिता व भावी वर-वधू भी चाहते है कि अनुकुल समय पर ही विवाह हो जायें. कुण्डली में विवाह विलम्ब से होने के योग होने पर विवाह की बात बार-बार प्रयास करने पर भी कहीं बनती नहीं है. इस प्रकार की स्थिति होने पर शीघ्र विवाह के उपाय करने हितकारी रहते है. उपाय करने से शीघ्र विवाह के मार्ग बनते है. तथा विवाह के मार्ग की बाधाएं दूर होती है.

उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें (Precautions while doing Jyotish remedies)

1. किसी भी उपाय को करते समय, व्यक्ति के मन में यही विचार होना चाहिए, कि वह जो भी उपाय कर रहा है, वह ईश्वरीय कृ्पा से अवश्य ही शुभ फल देगा.

2. सभी उपाय पूर्णत: सात्विक है तथा इनसे किसी के अहित करने का विचार नहीं है.

3. उपाय करते समय उपाय पर होने वाले व्ययों को लेकर चिन्तित नहीं होना चाहिए.

4. उपाय से संबन्धित गोपनीयता रखना हितकारी होता है.

5. यह मान कर चलना चाहिए, कि श्रद्धा व विश्वास से सभी कामनाएं पूर्ण होती है.

आईये शीघ्र विवाह के उपायों को समझने का प्रयास करें (Remedies for a late marriage)

1. हल्दी के प्रयोग से उपाय - विवाह योग लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है.

2. पीला वस्त्र धारण करना - ऎसे व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए.

3. वृ्द्धो का सम्मान करना - उपाय करने वाले व्यक्ति को कभी भी अपने से बडों व वृ्द्धों का अपमान नहीं करना चाहिए.

4. गाय को रोटी देना - जिन व्यक्तियों को शीघ्र विवाह की कामना हों उन्हें गुरुवार को गाय को दो आटे के पेडे पर थोडी हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए. तथा इसके साथ ही थोडा सा गुड व चने की पीली दाल का भोग गाय को लगाना शुभ होता है.

5. शीघ्र विवाह प्रयोग - इसके अलावा शीघ्र विवाह के लिये एक प्रयोग भी किया जा सकता है. यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को किया जाता है. इस प्रयोग में गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी ईलायची का जोडा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये. यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए.

6. केले के वृ्क्ष की पूजा - गुरुवार को केले के वृ्क्ष के सामने गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने के साथ शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए. अथा जल भी अर्पित करना चाहिए.

7. सूखे नारियल से उपाय - एक अन्य उपाय के रुप में सोमवार की रात्रि के 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता, इस उपाय के लिये जल भी ग्रहण नहीं किया जाता. इस उपाय को करने के लिये अगले दिन मंगलवार को प्रात: सूर्योदय काल में एक सूखा नारियल लें, सूखे नारियल में चाकू की सहायता से एक इंच लम्बा छेद किया जाता है. अब इस छेद में 300 ग्राम बूरा (चीनी पाऊडर) तथा 11 रुपये का पंचमेवा मिलाकर नारियल को भर दिया जाता है. यह कार्य करने के बाद इस नारियल को पीपल के पेड के नीचे गड्डा करके दबा देना. इसके बाद गड्डे को मिट्टी से भर देना है. तथा कोई पत्थर भी उसके ऊपर रख देना चाहिए. यह क्रिया लगातार 7 मंगलवार करने से व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है. यह ध्यान रखना है कि सोमवार की रात 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं करना है.

8. मांगलिक योग का उपाय (Remedies for Manglik Yoga) - अगर किसी का विवाह कुण्डली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऎसे व्यक्ति को मंगल वार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ मंगलवार के दिन तथा शनिवार के दिन सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है.

9. छुआरे सिरहाने रख कर सोना - यह उपाय उन व्यक्तियों को करना चाहिए. जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है. परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है. इस उपाय को करने के लिये शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें.

कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण कन्या के विवाह में विलंब हो तो इस प्रकार के उपाय स्वयं कन्या द्वारा करवाने से विवाह बाधाएं दूर होती है –

★किसी भी माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से चांदी की छोटी कटोरी में गाय का दूध लेकर उसमें शक्कर एवंउबलेहुए चांवल मिलाकर चंद्रोदय के समय चंद्रमा को तुलसी की पत्ती डालकर यह नेवैद्य बताएं व प्रदक्षिणा करें, इस प्रकार यह नियम 45 दिनों तक करें ,45 ङ्घह्न दिन पूर्ण होने पर एक कन्या को भोजन करवाकर वस्त्र और मेंहदी दान करें, ऐसाकरने से सुयोग्य वर की प्राप्ति होकर शीघ्र मांगलिक कार्य संपन्न होता है ।

★गुरूवार के दिन प्रात:काल नित्यकर्म से निवतृत होकर हल्दीयुक्त रोटियां बनाकर प्रत्येक रोटी पर गुड़ रखें व उसे गाय को खिलाएं ।7 गुरूवार नियमित रूप से यह विधि करने से शीघ्र विवाह होता है ।

★मंगलवार केदिन देवी -मंदिर में लाल गुलाब का फूल चढ़ाएं पूजन करें एवं मंगलवार का व्रत रखें । यह कार्य नौ मंगलवार तक करे । अंतिम मंगलवार को9 ख़् वर्ष की नौ कन्याओं को भोजन करवाकर लाल वस्त्र, मेंहदी एवं यथाशक्ति दक्षिण दें, शीघ्र फल की प्राप्ति होगी ।

★कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि नंद गोपसुतं देविपतिं में कुरू ने नम: । माँ कात्यायनि देवी या पार्वती देवी के फोटो को सामने रखकर जो कन्या पूजन कर इस कात्यायनि मंत्र की 1 माला का जाप प्रतिदिन करती है , उस कन्या की विवाह बधा शीघ्र दूर होती है ।

★यदि कन्या की शादी में कोई रूकावट आ रही हो तो पूजा वाले 5 नारियल लें ! भगवान शिव की मूर्ती या फोटो के आगे रख कर “ऊं श्रीं वर प्रदाय श्री नामः” मंत्र का पांच माला जाप करें फिर वो पांचों नारियल शिव जी के मंदिर में चढा दें ! विवाह की बाधायें अपने आप दूर होती जांयगी !

प्रत्येक सोमवार को कन्या सुबह नहा-धोकर शिवलिंग पर “ऊं सोमेश्वराय नमः” का जाप करते हुए दूध मिले जल को चढाये और वहीं मंदिर में बैठ कर रूद्राक्ष की माला से इसी मंत्र का एक माला जप करे ! विवाह की सम्भावना शीघ्र बनती नज़र आयेगी

विवाह बाधा दूर करने के लिए:

कन्या को चाहिए कि वह बृहस्पतिवार को व्रत रखे और बृहस्पति की मंत्र के साथ पूजा करे। इसके अतिरिक्त पुखराज या सुनैला धारण करे। छोटे बच्चे को बृहस्पतिवार को पीले वस्त्र दान करे। लड़के को चाहिए कि वह हीरा या अमेरिकन जर्कन धारण करे और छोटी बच्ची को शुक्रवार को श्वेत वस्त्र दान करे।

‬ग्रहों की अनिष्टदायक स्थिति को शुभ मंगलमय बनाने के लिए कुछ सरल उपाय करें तो निश्चित ही शुभदायक परिणाम मिलते हैं।

1. सुबह उठते ही माता-पिता, गुरु एवं वृद्धजनों को प्रणाम नित्य करें तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त करके नित्य अच्छे फल प्राप्त करें।

2. रोज गाय को गुड़-रोटी दें। और प्रणाम करे

3. रोज कुत्तों को रोटी खिलानी चाहिए। पक्षियों को दाना भी डालें तो शुभ है।

4. यदि आपके शहर या गांव के पास तालाब, नदी या सागर हो तो उसमें कछुए और मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलानी चाहिए।

5. घर आए अतिथियों की सेवा निष्काम भाव से करनी चाहिए तथा उनकी ओर से प्राप्त संदेश ध्यान से सुनकर, योग्य संदेश का अनुकरण करना चाहिए।

6. हमेशा प्रात:काल भोजन बनाते समय माताएं-बहनें एक रोटी अग्निदेव के नाम से बनाकर घी तथा गुड़ से बृहस्पति भगवान को अर्पित करें इससे घर में वास्तु पुरुष को भोग लग जाता है। इससे अन्नपूर्णा भी प्रसन्न रहती है।

7. प्रात: स्नान करके भगवान शंकर के शिवलिंग पर जल चढ़ाकर 108 बार 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र की पूजा से युक्त दंडवत नमस्कार करना चाहिए।

8. स्नान के पश्चात प्रात: सूर्यनारायण भगवान को लाल पुष्प चढ़ाकर बार-बार हाथ जोड़कर नमस्कार करना चाहिए।

9. प्रत्येक शनिवार को पीपल के वृक्ष पर जल, कच्चा दूध थोड़ा चढ़ाकर, सात परिक्रमा करके सूर्य, शंकर, पीपल- इन तीनों की विधिपूर्वक पूजा करें तथा चढ़े जल को नेत्रों में लगाएं और पितृ देवाय नम: भी 4 बार बोलें तो राहु-केतु, शनि-पितृ दोष का निवारण होता है।

10. प्रात:काल सूर्य के सम्मुख बैठकर एकांत में भगवत भजन या मंत्र या गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।

11. यथाशक्ति कुछ न कुछ गरीबों को दान देना चाहिए।

12. सेवा के बाद यश प्राप्ति की भावना नहीं रखें। 

13. अभक्ष्य वस्तुओं को कभी ग्रहण नहीं करना चाहिए।

14. रविवार या मंगलवार को कर्ज नहीं लें। लेना पड़े तो बुधवार को कर्ज लें। मंगलवार को कर्ज चुकाना चाहिए

15. पितृ दोष से मुक्ति के लिए नित्य महागायत्री के महामंत्र की नियमित साधना करें तथा श्री रामेश्वर धाम की यात्रा कर वहां पूजन करें।

हथेली में यह दस रेखाएं दिलाती हैं अचानक ही धन लाभ:

हथेली में यह दस रेखाएं दिलाती हैं अचानक ही धन लाभ यहां ऐसी दस रेखाओं के बारे में जानिए जो आपकी हथेली में भी हैं तो आपको अचानक ही धन लाभ मिलेगा। जानिए किस उम्र में दिलाएंगी यह रेखाएं लाभ। जिस व्यक्ति की हथेली में शनि पर्वत पर त्रिभुज का चिन्ह होता है उसे जीवन में अचानक ही धन लाभ मिलता है। 45 वर्ष की उम्र इन्हें अचानक प्रसिद्घि और बड़ा धन लाभ प्राप्त होता है। जिनकी हथेली में चन्द्रपर्वत से निकलकर भाग्य रेखा शनि पर्वत तक पहुंचती है उन्हें शादी के बाद अचानक ही धन का लाभ प्राप्त होता और इनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाती है। जिस व्यक्ति की हथेली में जीवन रेखा से निकलकर कुछ रेखाएं गुरु पर्वत तक आती हैं उन्हें भी बिना उम्मीद बड़ा लाभ मिलता है। मस्तिष्क रेखा से निकलकर कोई रेखा शनि पर्वत पर आती है तो व्यक्ति को 35 साल की उम्र के बाद विशेष धन लाभ प्राप्त है, जिसकी व्यक्ति को उम्मीद भी नहीं रहती है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अनामिका व मध्यमा उंगली पर कहीं भी वर्ग का निशान हो तो शुभ होता है। इससे व्यक्ति को अचानक धन लाभ प्राप्त होता है। जिनकी हथेली में हृदय रेखा, भाग्य रेखा और सूर्य रेखा से मिलकर त्रिभुज का चिन्ह बनता है उन्हें भी जीवन में अकस्मात ही धन लाभ मिलता रहता है। हथेली में गुरू पर्वत पर वर्ग का चिन्ह मौजूद है तो यह भी अचानक धन प्राप्ति का योग बनाता है। हथेली में जीवन रेखा के अंत में अगर वर्ग का चिन्ह है तो यह भी अचानक धन प्राप्ति का सूचक होता है। जिनकी हथेली में मणिबंध से शुरू होकर कोई रेखा बुध पर्वत यानी छोटी उंगली तक आती है तो यह उनके लिए अचानक धन प्राप्ति का योग बनाता है। जिनके हाथों में तर्जनी उंगली और सबसे छोटी यानी कनिष्ठिका उंगली एक बराबर होती है वह भी अचानक धन प्राप्त करते हैं।

: !! पुत्र प्राप्ति के कुछ सिद्ध उपाय !!

यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही हो, तो ऐसे व्यक्ति इस लेख में लिखे गये सरल उपायों को अपना कर संतान की प्राप्ति अति ही सहजता के साथ कर सकते हैं। किंतु उपायों को अति सावधानी से व श्रद्धा के साथ करना अति आवश्यक होता है !!

!! उपाय निम्नवत हैं !!

दंपति को गुरुवार का व्रत रखना चाहिए !! गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें, पीली वस्तुओं का दान करें यथासंभव पीला भोजन ही करें !!

माता बनने की इच्छुक महिला को चाहिए गुरुवार के दिन गेंहू के आटे की 2 मोटी लोई बनाकर उसमें भीगी चने की दाल और थोड़ी सी हल्दी मिलाकर नियमपूर्वक गाय को खिलाएं !!

शुक्ल पक्ष में बरगद के पत्ते को धोकर साफ करके उस पर कुंकुम से स्वस्तिक बनाकर उस पर थोड़े से चावल और एक सुपारी रखकर सूर्यास्त से पहले किसी मंदिर में अर्पित कर दें और प्रभु से संतान का वरदान देने के लिए प्रार्थना करें निश्चय ही संतान की प्राप्ति होगी !!

गुरुवार के दिन पीले धागे में पीली कौड़ी को कमर में बांधने से संतान प्राप्ति का प्रबल योग बनता है !!

माता बनने की इच्छुक महिला को पारद शिवलिंग का रोजाना दूध से अभिषेक करें उत्तम संतान की प्राप्ति होगी !!

हर गुरुवार को भिखारियों को गुड़ का दान देने से भी संतान सुख प्राप्त होता है !!

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आम की जड़ को लाकर उसे दूध में घिसकर स्त्री को पिलाएं यह सिद्ध एंवम परीक्षित प्रयोग है !!

रविवार को छोड़कर अन्य सभी दिन निसंतान स्त्री यदि पीपल पर दीपक जलाए और उसकी परिक्रमा करते हुए संतान की प्रार्थना करें उसकी इच्छा अति शीघ्र पूरी होगी !!

श्वेत लक्ष्मणा बूटी की 21 गोली बनाकर उसे नियमपूर्वक गाय के दूध के साथ लेने से संतान सुख की अवश्य ही प्राप्ति होती है !!

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में नीम की जड़ लाकर सदैव अपने पास रखने से निसंतान दम्पति को संतान सुख अवश्य प्राप्त होता है !!

नींबू की जड़ को दूध में पीसकर उसमे शुद्ध देशी घी मिला कर सेवन करने से पुत्र प्राप्ति की संभावना बड़ जाती है !!

पहली बार ब्याही गाय के दूध के साथ नागकेसर के चूर्ण का लगातार 7 दिन सेवन करने से संतान पुत्र उत्पन्न होता है !!

सवि ( सांवा) का भात और मुंग की दाल खाने से बांझ पन दूर होता है और पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है !!

गर्भ का जब तीसरा महीना चल रहा हो तो गर्भवती स्त्री को शनिवार को थोडा सा जायफल और गुड़ मिलाकर खिलाने से अवश्य ही पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी !!

पुराने चावल को धोकर भिगो दें बनाने से पहले उसके पानी को अलग करके उसमें नीबूं की जड़ को महीन पीसकर उस पानी को स्त्री पी कर अपने पति से सम्बन्ध बनाये वह स्त्री कन्या को जन्म देगी !!

संतान प्राप्ति के लिए पति-पत्नी दोनों को रामेश्वरम् की यात्रा करनी चाहिए तथा वहां सर्प-पूजन करवाना चाहिए। इस कार्य को करने से संतान-दोष समाप्त होता है !!

स्त्री में कमी के कारण संतान होने में बाधा आ रही हो, तो लाल गाय व बछड़े की सेवा करनी चाहिए। लाल या भूरा कुत्ता पालना भी शुभ रहता है !!

यदि विवाह के दस या बारह वर्ष बाद भी संतान न हो, तो मदार की जड़ को शुक्रवार को उखाड़ लें। उसे कमर में बांधने से स्त्री अवश्य ही गर्भवती हो जाएगी !!
जब गर्भ धारण हो गया हो, तो चांदी की एक बांसुरी बनाकर राधा-कृष्ण के मंदिर में पति-पत्नी दोनों गुरुवार के दिन चढ़ायें तो गर्भपात का भय/खतरा नहीं होता !!

यदि बार-बार गर्भपात होता है, तो शुक्रवार के दिन एक गोमती चक्र लाल वस्त्र में सिलकर गर्भवती महिला के कमर पर बांध दें। गर्भपात नहीं होगा !!

जिन स्त्रियों के सिर्फ कन्या ही होती है, उन्हें शुक्र मुक्ता पहना दी जाये, तो एक वर्ष के अंदर ही पुत्र-रत्न की प्राप्ति होगी !!

यदि बच्चे न होते हों या होते ही मर जाते हों, तो मंगलवार के दिन मिट्टी की हांडी में शहद भरकर श्मशान में दबायें !!

 शीघ्र विवाह के सरल एवं आसान उपाय / टोटके:

जन्मकुंडली में कई ऐसे योग होते हैं जिनकी वजह से कोई भी पुरुष या स्त्री विवाह की खुशी से वंचित रह सकते हैं….कई बार ये रूकावट बाहरी बाधाओं की वजह से भी आती हैं. उम्र लगातार बढती जाती है और लाख प्रयास के बाद भी रिश्ते बन नहीं पाते हैं या मनचाहे रिश्तों का तो जैसे आकाल ही पड़ जाता है इस प्रकार की स्थिति होने पर शीघ्र विवाह के उपाय करने में समझदारी रहती है. इन उपाय को करने से शीघ्र विवाह के मार्ग बनते है, तथा विवाह मार्ग की समस्त बाधाएं दूर होती है| यहाँ पर हम कुछ बहुत ही आसान किन्तु अचूक उपाय बता रहे है जिनको सच्चे मन से करने से वर एवं कन्या दोनों को ही निश्चित रूप से मनवांछित लाभ प्राप्त होगा।

1. शीघ्र विवाह के लिए सोमवार को १२०० ग्राम चने की दाल व सवा लीटर कच्चे दूध का दान करें| यह प्रयोग तब तक करते रहना है जब तक कि विवाह न हो जाय|

2. कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहाँ पर दुल्हन को मेहँदी लग रही हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस दुल्हन के हाथ से लगवा ले इससे विवाह का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होता है|

3. विवाह वार्ता के लिए घर आए अतिथियों को इस प्रकार बैठाएं कि उनका मुख घर में अंदर की ओर हो, उन्हें द्वार दिखाई न दे।

4.विवाह योग्य युवक-युवती जिस पलंग पर सोते हों उसके नीचे लोहे की वस्तुएं या कबाड़ का सामान कभी भी नहीं रखना चाहिए।

5. यदि विवाह के पूर्व लड़का-लड़की मिलना चाहें तो वह इस प्रकार बैठे कि उनका मुख दक्षिण दिशा की ओर न हो। 

6. कन्या सफेद खरगोश को पाले तथा अपने हाथ से उसे भोजन के रूप में कुछ दे|

7. कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से,लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे| विवाह की चर्चा सफल होगी|

8. पूर्णिमा को वट वृक्ष की १०८ परिक्रमा देने से भी विवाह बाधा दूर होती है| 

9. गुरूवार को वट वृक्ष, पीपल, केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधा दूर होती है|

मन्त्र:

गौरी आवे ,शिव जो ब्यावे.अमुक का विवाह तुरंत सिद्ध करेँ,
देर ना करेँ, जो देर होए , तो शिव को त्रिशूल पड़े,
गुरु गोरखनाथ की दुहाई फिरै ।। 

अमुक के स्थान पर जिस लड़की का विवाह न हो रहा हो उसका नाम लिख सकते है !

10.यदि विवाह की आयु होने पर भी कन्या के विवाह में वाधा आ रही हो तो शुक्रवार की रात्रि में 8 सूखे छुआरो को जल में अच्छी तरह उबालकर जल सहित अपने सिरहाने पर रखकर सोएं और उसे अगले दिन शनिवार को बहते जल में प्रवाहित कर दे। इस उपाय को करने से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती है। 

11.यदि मंगल दोष के कारण (मंगली होने पर )किसी भी लड़के या लड़की के विवाह में विलंब हो रहा हो तो उसके कमरे के दरवाजे का रंग लाल अथवा गुलाबी रंग का रखना चाहिए। 

12. मंगलवार के दिन एक सूखे नारियल में छेद करके उसमें पाँच मेवे और थोड़ी पिसी हुई चीनी मिलाकर उसे पीपल के पेड़ के नीचे दबा दें । इससे विवाह में आने वाली समस्त अड़चने दूर होने लगती है । 

13.शीघ्र विवाह के लिए विवाह योग्य जातक को लगातार 7 गुरुवार तक बछड़े वाली गाय को अपने हाथो से चारा / भोजन कराना चाहिए । 

14.यदि किसी युवक के विवाह में विलम्ब हो रहा है, वह 21 मंगलवार को संध्या के समय किसी भी हनुमान मन्दिर में जाकर उनके माथे से थोडा सा सिंदूर लेकर उसी मन्दिर में राम-सीता की मृर्ति के चरणों में लगा दें और उनसे शीघ्र विवाह कराने हेतु निवेदन करें। इस उपाय को करने से शीघ्र ही गुणवान कन्या से विवाह के योग प्रबल बनते है । 

15. यदि किसी युवक के विवाह में परेशानियां आ रही हैं तो   उसका विवाह भी जल्दी हो जाता है

एक सुपारी बना देगी आपको धनवान जानिये कैसे


तिजोरी में रखना चाहिए एक सुपारी  क्योंकि ये बढ़ाती है पैसा

तिजोरी जहां पैसा, ज्वेलरी और अन्य बेशकीमती वस्तुएं रखी जाती है। अत: यह जगह बहुत ही पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होनी चाहिए। जिससे कि घर में बरकत बनी रह सके और पैसों की कभी कमी न आए। यदि तिजोरी के आसपास कोई नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हैं तो उस घर में कभी भी पैसों कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार कुछ उपाय बताए गए हैं।

तिजोरी में हमेशा पैसा ही पैसा भरा रहे, धन की देवी महालक्ष्मी की कृपा सदैव आप पर बनी रहे, इसके लिए एक छोटा सा उपाय अपनाएं। शास्त्रों के अनुसार श्रीगणेश रिद्धि और सिद्ध के दाता है। कोई भी भक्त नित्य श्रीगणेश का ध्यान करता है तो उसे कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं सताती। श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय हैं। प्रतिदिन गणेशजी की विधिवत पूजा करें और किसी भी शुभ मुहूर्त में विशेष पूजा करें। पूजन में गणेशजी के प्रतीक स्वरूप सुपारी रखी जाती है। बस यही सुपारी पूजा पूर्ण होने के बाद अपनी तिजोरी में रख दें।

पूजा में उपयोग की गई सुपारी में श्रीगणेश का वास होता है। अत: यह तिजोरी में रखने से तिजोरी के आसपास के क्षेत्र में सकारात्मक और पवित्र ऊर्जा सक्रिय रहेगी जो नकारात्मक शक्तियों को दूर रखेगी। पूजा में उपयोग की जाने वाली सुपारी बाजार में मात्र 1 रुपए में ही प्राप्त हो जाती है लेकिन विधिविधान से इसकी पूजा कर दी जाए तो यह चमत्कारी हो जाती है। जिस व्यक्ति के पास सिद्ध सुपारी होती है वह कभी भी पैसों की तंगी नहीं देखता, उसके पास हमेशा पर्याप्त पैसा रहता है।

जानिये गृह शांति के आसान से उपाय


1. आजकल परिवार में पिता पुत्र के बीच में भी बहुत विरोध हो जाते है इससे परिवार में शांति भंग होने के साथ साथ और भी बहुत सी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है कई बार तो परिवार में विघटन की स्थिति भी आ जाती है इससे बचने के लिए कुछ बहुत ही अचूक उपाय बताए जा रहे है । 

2. यदि पिता की और से नाराजगी है तो पुत्र रविवार को सवा किलो गुड़ बहते हुए पानी में प्रवाहित करे …उसे ऐसा लगातार तीन रविवार को करना है । पिता की नाराज़गी जल्दी दूर हो जाएगी । 

3. पुत्र को नियमित रूप से गुड़,लाल फूल मिलाकर जल सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए। पिता का स्नेह पुन: पुत्र पर बन जायेगा । 

4. रविवार को पुत्र यदि अपने पिता को कोई भी लाल रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पिता का पुत्र से विरोध ख़त्म हो जायेगा । 

5. यदि पुत्र की पिता से न बन रही हो तो अमावस्या,या ग्रहण के दिन पुत्र पिता के जूतों से पुराने मोज़े निकाल कर उनमें बिलकुल नए मोज़े रख दे, ऐसा करने से दोनों के बीच चल रहा गतिरोध अवश्य ही दूर हो जाएगा। 

6. यदि पुत्र रुष्ट है तो पिता प्रत्येक शनिवार को सुबह पीपल में मीठा जल एवं शाम को सरसों के तेल का दीपक जलायें या सरसों के तेल की धार अर्पित करें तो बहुत ही जल्दी पिता पुत्र के मध्य अवरोध ख़त्म हो जायेगा । 

7. शनिवार को पिता यदि अपने पुत्र को कोई भी नीले रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पुत्र का पिता से मतभेद समाप्त हो जाता है । 

8. बहन भाइयों के बीच में झगड़ा या मनमुटाव हो तो मंगलवार को सवा किलो गुड जमीन में दबाएँ ....सम्बन्ध अच्छे हो जायेंगे । 

9. यदि किसी महिला का ससुर उससे नाराज रहता हो तो वह महिला प्रतिदिन जल में गुड़ मिलाकर सूर्यदेव को अध्र्य दे तो उसकी यह समस्या दूर हो जाती है। 

10. किसी महिला का उसकी सास के साथ झगड़ा होता रहता हो तो वह स्त्री पूर्णिमा की रात में खीर बनाकर चंद्रमा की किरणों में रखे और फिर वह खीर अपनी सास को खिला दे। सास-बहू में बनने लगेगी।

11. यह कुछ ऐसे छोटे छोटे और सहज उपाय है जिनको अपनाकर हर व्यक्ति अपने परिवार में प्रेम और सौहार्दय के वातावरण का निर्माण कर सकता है ।

सफलता पाने के उपाय और टोटके


उपाय :- 1 सफलता पाने के लिए कन्याओं को चने की सब्जी खिलाएं |

उपाय :- 2 सबसे पहले करियर में सफलता के उपाय .. 6 कौड़ियां , लाल सिंदूर दो लौंग , एक टूकड़ा कपूर को एक साथ लाल कपड़े में बांध कर देवी को चढ़ाकर अपने साथ रखें , करियर में सफलता निश्चित मिलेगी | 

उपाय :- 3 रियल स्टेट , कारोबारी , transporters और industrialists के लिए सफलता के उपाय बेहद आसान हैं ...- रियल - स्टेट के लोग - पत्थर की मूर्ति दान करें- कारोबारी - साबूत मूंग की दाल दान करें- ट्रांसपोर्ट्स - नमकीन बादाम दान करें- उधोगपति - सोने की चेन दान करें

उपाय :- 4 कारोबार में सफलता नहीं मिल रही हो .. मुश्किलें आ रही हों तो ये उपाय जरुर करें .. एक नीला फूल , एक सफेद फूल , एक पीला फूल , एक लाल फूल और एक नारियल देवी मां को नवमी के दिन चढ़ाइए , दशहरे के दिन फूलों को नदी में बहा दीजिए , नारियल को लाल कपड़े में लपेट कर तिजोरी में रखें , कारोबार में सफलता मिलेगी |

उपाय :- 5 पांच टुकड़े फिटकरी 6 नीले फूल और एक कमल में बांधने की बेल्ट आज देवी को चढ़ा दें कल यानि दशमीं को बेल्ट किसी कन्या को दान दें .. नीले फूल बहते पानी में डालें और फिटकरी के टुकड़ों को संभाल कर अपने पास रखें , इन्टरव्यु में जाते वक्त या अपने कारोबार से जुड़े किसी महत्वपूर्ण काम पर जाते वक्त ये फिटकरी के टुकड़े अपने साथ लेजाना न भूलें .. सफलता मिलेगी .

उपाय :- 6 पांच गुडहल के फूल अलग अलग आंटे की 5 लोइयों में दबा कर इन आंटे की लोइयों को आज देवी को चढ़ा दें और कल यानि दशमी के दिन इन्हें सांड को खिला दें .. आप चाहे जिस कारोबार में हों आपको कामयाबी ज़रुर हासिल होगी |

उपाय :- 7 नये कारोबार में कामयाबी पाने का उपाय :
- पांच पान के पत्ते , पांच अलग - अलग मिठाई लें और साथ में पांच फूल , दस कपूर दस लौंग मिलाएं फूलों की पत्तियों और मिठाइयों को मिला लें नवमी के दिन पान के पांचो पत्तों पर मिठाई और फूल रखें फिर नींबू काट दीजिए और ध्यान रहे कि नींबू अलग न होने पाए
नींबू के हर पीस पर एक - एक लौंग और कपूर रखें - और इन्हें जला दें , अगले दिन सुबह ये सब नदी में डाल दें कारोबार में आपको सफलता ज़रुर मिलेगी |

उपाय :- 8 अलग - अलग चीजों का बिज़नेस करने वाले अलग - अलग चीजें दान में दें .. सौंदर्य - प्रसाधन के व्यवसायी - घी और रुई दान करेंलोहे के व्यवसायी - काजू और किशमिश दान करेंकपड़े के व्यवसायी - मीठा शर्बत पिलाएं |

जीवन में सफलता हासिल करने का वैसे तो कोई निश्चित फार्मूला नहीं है लेकिन मनुष्य सात आध्यात्मिक नियमों को अपनाकर कामयाबी के शिखर को छू सकता है।

“एजलेस बाडी, टाइमलेस माइंड” और “क्वांटम हीलिंग” जैसी 26 लोकप्रिय पुस्तकों के लेखक डा.चोपड़ा के अनुसार सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति में विशुद्ध सामर्थ्य, दान, कर्म, अल्प प्रयास, उद्देश्य और इच्छा, अनासक्ति और धर्म का होना आवश्यक है।


विशुद्ध सामर्थ्य का पहला नियम इस तथ्य पर आधारित है कि व्यक्ति मूल रूप से विशुद्ध चेतना है, जो सभी संभावनाओं और असंख्य रचनात्मकताओं का कार्यक्षेत्र है। इस क्षेत्र तक पहुंचने का एक ही रास्ता है. प्रतिदिन मौन. ध्यान और अनिर्णय का अभ्यास करना। व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ समय के लिए मौन.बोलने की प्रकिया से दूर. रहना चाहिए और दिन में दो बार आधे घंटे सुबह और आधे घंटे शाम अकेले बैठकर ध्यान लगाना चाहिए।
इसी के साथ उसे प्रतिदिन प्रकृति के साथ सम्पर्क स्थापित करना चाहिए और हर जैविक वस्तु की बौद्धिक शक्ति का चुपचाप अवलोकन करना चाहिए। शांत बैठकर सूर्यास्त देखें. समुद्र या लहरों की आवाज सुनें तथा फूलों की सुगंध को महसूस करें ।

विशुद्ध सामर्थ्य को पाने की एक अन्य विधि अनिर्णय का अभ्यास करना है।

ये आसान से टोटके जो करवा सकते हैं आपके घर में बरकत



1. घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें और हर शाम को वहाँ घी का दीपक जलायें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक तरंगों का वास नहीं होता है साथ ही लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं।

2. जिस बाक्स में आप पैसे रखते हैं उसमें लाल रंग का कपडा बिछायें और साथ ही चावल यानि की साबुत चावल की एक पोटली बना कर रख दें। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है साथ ही ऐसा करने से लक्ष्मी जी सदैव आपके पास बनी रहती है। पूजा घर में भी लाल कपड़ा बिछाकर रखें और हर शाम को तीन अगरबत्तियाँ जलायें।

3. घर की झाड़ू को कभी भी खुले में ना रखें और ना ही कभी उस पर पैस रखें। अगर ऐसा करते हैं तो तुरंत बंद कर दें क्योंकि ऐसे लक्ष्मी जी का अपमान होता है और वो कभी खुश नहीं होती हैं। झाडू को सदैव ऐसे स्थान पर ऱखें जहाँ से उसे कोई ना देख पायें।

4. जब भी घर में पोंछा लगाये हमेशा पानी में नमक डाल दें। ऐसा करने से घर में अगर नकारात्मक शक्तियों का वास नहीं होता है साथ ही वो घर से दूर रहती हैं ।

5. घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर पर गणेश जी की कृपा सदैव बनी रहती है ।

6. घर में कभी भी बिस्तर पर खाना ना खायें। ऩा ही ऐसे बिस्तर पर सोये जो गंदा हो। बिस्तर पर खाना खाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करना लक्ष्मी को रुष्ठ करने के बराबर है।

7. अगर घर में कोई व्यक्ति बहुत ही चिड़चिड़ा हो चुका है और वो भी बिना वजह तो थोड़ी सी राई, साबुत मिर्च, नमक और आटा लें और उस व्यक्ति के ऊपर से उसार कर जला दें। जब जलायें तो उस व्यक्ति को उस आग को देखते रहने के लिए बोलें। ऐसा करने से चढ़ी हुयी नजर उतर जाती है ।

8. घर में धन प्राप्ति के लिए हनुमान जी की फोटो अथवा प्रतिमा लगाये जिसमें वो उड़ रहे हों। ऐसी प्रतिमा बहुत ही शुभ मानी जाती है और उस प्रतिमा की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।

9. जब भी खाना बनायें पहली रोटी गाय की निकालें। इसके अलावा जब तवा गरम हो जाये तो उसे पानी की छींटे डाले और फिर रोटी। ऐसा करने से घर में बरकत होती है।

10. शानिवार, मंगरवार और बृहस्पतिवार को ना कपड़े धोये और ना ही सिर, ना ही नाखून काटें। ऐसा करने से धन घर में नहीं रुकता है। इस दिन सिर में तेल भी ना लगायें। ब्रहस्पतिवार को पीले फल ना खायें खासकर केले क्योंकि इसकी पूजा होती है।