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सात घोड़ों की पेंटिंग किस दिशा में लगाये और क्यों ?

 


अकसर लोगों के घरों में आपने सात दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर लगी हुई देखी होगी और आपके मन में यह सवाल जरूर उठा होगा कि इस तस्वीर को लगाने के पीछे क्या कारण है. बता दें कि यह तस्वीर न केवल दिखने में सुंदर होती है बल्कि इसको लगाने से किस्मत भी चमक सकती है. कहते हैं कि इस तस्वीर को लगाने से घर परिवार में तरक्की आने लगती है और आर्थिक स्थिति भी सुधरने लगती है. यह तस्वीर व्यापार और करियर दोनों को गति प्रदान करती है. ऐसे में यह पता होना चाहिए कि इस तस्वीर को लगाते वक्त किन बातों का ध्यान रखें और इस तस्वीर को किस दिशा में लगाना चाहिए. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप अपने घर की किस दिशा में भागते हुए घोड़ों की तस्वीर लगाएं. इसे लगाने के दौरान किन बातों का ध्यान रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर को घर में लगाने का महत्व बताया गया है क्योंकि यह तस्वीर आपकी सफलता को गति देती है। दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर में खासतौर पर सात घोड़ों की तस्वीर लगाना प्रगति पाने के लिए लाभकारी मानी जाती है साथ ही सात का अंक भी शुभ माना जाता है।

हॉर्स पेंटिंग में नंबर 7 का महत्व:

अंक 7 का विशेष महत्व है। यह एक भाग्यशाली संख्या है, और संख्या सात के अत्यंत शुद्ध और पवित्र होने के बारे में कई कहानियाँ हैं। इंद्रधनुष में सात रंग, सात महासागर, सात नक्षत्र और प्राचीन भारत के सात ऋषि (सप्तऋषि) हैं। इसके अलावा, दूल्हा और दुल्हन को हिंदू धर्म में अपने विवाह समारोह के दौरान सात शपथ लेनी चाहिए। नतीजतन, संख्या सात महत्वपूर्ण है और इसका सकारात्मक और शुभ अर्थ है।

किस दिशा में लगाएं सात घोड़ों की तस्वीर?
१.यदि आप अपने ऑफिस में इस तस्वीर को लगा रहे हैं तो ऑफिस के कैबिन में सात घोड़ों की तस्वीर लगा सकते हैं. लेकिन ध्यान रहे कि घोड़े का मुंह ऑफिस के अंदर की तरफ आते हुए होना चाहिए. इस तस्वीर को दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए.
२.यदि आप घर पर इस तस्वीर को लगा रहे हैं तो पूर्व की दिशा में तस्वीर को लगाना शुभ माना जाता है. इस तस्वीर से करियर में तरक्की आती है और व्यक्ति का मान सम्मान भी बढ़ता है. यदि आप इस तस्वीर को घर के हॉल में तस्वीर लगा रहे हैं तो दक्षिण दिशा की दीवार पर भी इसे लगा सकते हैं.

घर के वास्तुदोष से अचानक हो सकती है मौत, यह हैं उपाय


वास्तु घर:

वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व बताया गया है। सही दिशा में सही चीजें रखने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं अगर घर के वास्तु में दोष हो, तो इसका बुरा प्रभाव भी घर में रहने वाले हर सदस्य पर पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार नैऋत्य दिशा यानि पश्चिम- दक्षिण में दोष होता है इसका परिणाम घातक रहता है। इस दिशा में दोष होने पर वहां रहने वालों मनुष्यों की अकाल मृत्यु होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। इसलिए इस दोष को तुरंत ठीक करने के उपाय जान लें।

ये हैं उपाय:

जिस घर में पूर्व दिशा में मुख्य दरवाजा या फिर पूर्व-दक्षिण दिशा में एक और दरवाजा हो और घर का ईशान कोण क्षतिग्रस्त हो, तो वहां पर रहने वाले सदस्यों की हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना या आत्महत्या यानी अकाल मौत की संभावना बढ़ जाती है।

अगर घर के उत्तर-पश्चिम हिस्से में कुआं और पश्चिम-नैऋत्य दिशा में कोई बरामदा या दरवाजा हो, तो उस घर के स्वामी की आत्महत्या करने की संभावना बनी रहती है।

जिस घर के पश्चिम में चहारदीवारी की दक्षिण-नैऋत्य दिशा में फाटक हो। ऐसे घर में रहने वाले लोग आत्महत्या कर सकते हैं।

सूर्य की राशि के अनुसार भवन निर्माण से पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें



1.मेष राशि में सूर्य होने पर घर बनाना प्रारंभ करना अति लाभदायक होता है।

2.वृषभ र‍ाशि में सूर्य : संपत्ति बढ़ना, आर्थिक लाभ

3.मिथुन राशि में सूर्य : गृह स्वामी को कष्ट

4.कर्क राशि में सूर्य : धन-धान्य में वृद्धि

5.सिंह राशि का सूर्य : यश, सेवकों का सुख

6.कन्या राशि का सूर्य : रोग, बीमारी आना

7.तुला राशि का सूर्य : सौख्‍य, सुखदायक

8.वृश्चिक राशि का सूर्य : धन लाभ

9.धनु राशि का सूर्य : भरपूर हानि, विनाश

10.मकर राशि का सूर्य : धन, संपत्ति वृद्धि

11.कुंभ राशि का सूर्य : रत्न, धातु लाभ

12.मीन राशि का सूर्य : चौतरफा नुकसान.

दैनिक जीवन में वास्तु के कुछ उपयोगी नियम


सीढियों के निचे कभी भी टॉयलेट बाथरूम रसोई आदि नही बनाना चाहिए वरना घर की पुत्रवधू या बेटियां हमेशा किसी न किसी कारण से परेशान रहेगी | 

आग बिजली से सम्बन्धित उपकरण हमेशा आग्नेय कोण यानी की दक्षिण पूर्व में रखे | इन्हें ईशान कोण में रखने से हमेशा ही घर के सदस्यों को कोई न कोई मानशिक परेशानी बनी रहती है | 

जहां तक सम्भव हो घर को हमेशा चोरस आकार का बनाना चाहिए | 

घर में दक्षिण पश्चिम कोण और ये दोनों दिशा हमेशा भारी और ऊँची होनी चाहिए | 
ईशान कोण हमेशा निचा होना चाहिए और ईशान कोण यदि खाली रखा जाए तो सबसे बेहतर होता है | 
वैसे ईशान कोण में पूजा का स्थान , पानी का स्थान अवस्य बनाया जा सकता है \ 

घर के ब्रह्म स्थान यानी की केंद्र स्थान हमेशा खाली रखना चाहिए वहां कोई भी दिवार पिल्लर या कोई भारी समान कभी नही रखना चाहिए \ 

घर में कोई भी जंगल या म्यूजियम की वस्तु नही रखनी चाहिए और न ही घर में कोई क्रूर फोटो जिसमे किसी के उपर अत्याचार होता हुआ प्रतीत हो रहा हो वो रखनी चाहिए | 

टॉयलेट की सिट लगाते समय इस बात का ध्यान अवस्य रखना चाहिए की बैठते समय बैठने वाले का मुह पूर्व की तरफ न हो . यदि ये दक्षिण या उतर की तरफ हो तो सबसे बेहतर होता है  \ 

कीमती समान की अलमारी आदि हमेशा उतर मुखी रखे | 

चोराहे के उपर मकान लेने से हमेशा बचना चाहिए | इसी प्रकार किसी बड़े अधिकारी या राजनेता के मकान के पास का मकान कई बार खराबी का बड़ा कारण बन जाता है | इस से जातक के अपमानित होने के चांस ज्यादा रहते है | घर के पास पीपल या कांटेदार पेड़ पोधे नही होने चाहिए | 

हमारे घर का वातावरण हमे सबसे ज्यादा प्रभावित करता है इसिलिय घर में हमेशा अकारात्मक ऊर्जा देने वाले समान रखने चाहिए \ घर में कभी भी टूटे हुवे चश्मे . मेज कुसी , टुटा हुआ शीशा बंद घड़ी आदि नही रखनी चाहिए और न ही ऐसी चीजों को किसी चीज से चिपकाकर दोबारा रखनी चाहिए | 

कांटेदार पोधे के साथ कभी भी मनी प्लांट या तुलसी का पोधे एक ही गमले में नही लगाने चाहिए \ 

मित्रों ये कुछ वास्तु नियम है जिनका पालन करके आप अपने घर में सकारात्मक उर्जा का संचार कर सकते है |