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जानिये गृह शांति के आसान से उपाय


1. आजकल परिवार में पिता पुत्र के बीच में भी बहुत विरोध हो जाते है इससे परिवार में शांति भंग होने के साथ साथ और भी बहुत सी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है कई बार तो परिवार में विघटन की स्थिति भी आ जाती है इससे बचने के लिए कुछ बहुत ही अचूक उपाय बताए जा रहे है । 

2. यदि पिता की और से नाराजगी है तो पुत्र रविवार को सवा किलो गुड़ बहते हुए पानी में प्रवाहित करे …उसे ऐसा लगातार तीन रविवार को करना है । पिता की नाराज़गी जल्दी दूर हो जाएगी । 

3. पुत्र को नियमित रूप से गुड़,लाल फूल मिलाकर जल सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए। पिता का स्नेह पुन: पुत्र पर बन जायेगा । 

4. रविवार को पुत्र यदि अपने पिता को कोई भी लाल रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पिता का पुत्र से विरोध ख़त्म हो जायेगा । 

5. यदि पुत्र की पिता से न बन रही हो तो अमावस्या,या ग्रहण के दिन पुत्र पिता के जूतों से पुराने मोज़े निकाल कर उनमें बिलकुल नए मोज़े रख दे, ऐसा करने से दोनों के बीच चल रहा गतिरोध अवश्य ही दूर हो जाएगा। 

6. यदि पुत्र रुष्ट है तो पिता प्रत्येक शनिवार को सुबह पीपल में मीठा जल एवं शाम को सरसों के तेल का दीपक जलायें या सरसों के तेल की धार अर्पित करें तो बहुत ही जल्दी पिता पुत्र के मध्य अवरोध ख़त्म हो जायेगा । 

7. शनिवार को पिता यदि अपने पुत्र को कोई भी नीले रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पुत्र का पिता से मतभेद समाप्त हो जाता है । 

8. बहन भाइयों के बीच में झगड़ा या मनमुटाव हो तो मंगलवार को सवा किलो गुड जमीन में दबाएँ ....सम्बन्ध अच्छे हो जायेंगे । 

9. यदि किसी महिला का ससुर उससे नाराज रहता हो तो वह महिला प्रतिदिन जल में गुड़ मिलाकर सूर्यदेव को अध्र्य दे तो उसकी यह समस्या दूर हो जाती है। 

10. किसी महिला का उसकी सास के साथ झगड़ा होता रहता हो तो वह स्त्री पूर्णिमा की रात में खीर बनाकर चंद्रमा की किरणों में रखे और फिर वह खीर अपनी सास को खिला दे। सास-बहू में बनने लगेगी।

11. यह कुछ ऐसे छोटे छोटे और सहज उपाय है जिनको अपनाकर हर व्यक्ति अपने परिवार में प्रेम और सौहार्दय के वातावरण का निर्माण कर सकता है ।

कुंडली में ग्रहदशा के अनुसार अपनाये जीवन शैली


1. जातक को यदि केमद्रुम दोष या विषदोष हो,ऐसे जातक कोई भी उपाय लंबे समय तक नही कर सकते..बहुत जल्दी निराश हो जाते है..इनका ज्योतिषीय उपायो या भगवानों से बहुत जल्दी भरोसा उठ जाता है..ये कैसे लोगो के बीच रहते है इनकी सोच को बहुत प्रभावित करता है..

ये लोग मंत्र जाप या पूजा में भी बैठे हो ध्यान केंद्रित नही कर पाते,मोबाइल में या इधर-उधर के विचारों में खोये रहते है...ऐसी महिलाये 30 में से कम से कम 4 दिन सब्जी-दाल में नमक डालना भूल जाती है या कम डालती है..

2.कुंडली मे यदि केंद्र में एक भी ठोस ग्रह ना हो तो जातक को हर क्षेत्र में अन्य लोगो के अपेक्षा अधिक मेहनत करनी पड़ती है...ऐसे लोग भीड़ में खुद को बहुत असहज महसूस करते है..उनको कभी 10 लोगो के बीच बोलने को कहा जाये तो घबराहट होती है.Self-Confidence बहुत कम होता है..

3.केंद्र में जितने अधिक सौम्य ग्रह होंगे,जातक के विनम्र होने का आप उतना अनुमान लगा सकते हो..जितने अधिक क्रूर ग्रह होंगे जातक की वाणी और व्यवहार उतना अकड़ू होंगा...

4.जातक सुबह जितने जल्दी उठेगा,गुरु और बुध उतना बढ़िया प्रभाव देंगे..सूर्योदय तक उठे तो सूर्य भी बढ़िया फल देंगा..9-10 बजे उठे ग्रह ठीक फल नही देते..11 बजे या उसके बाद उठे तो दिन भर राहू और शनि आप पर हावी रहेंगे..

5.जातक सूर्यास्त के पहले जितना अधिक स्वच्छ पानी पियेगा,चंद्रमा अच्छे परिणाम देंगा...मंगल आपको परेशान कर रहा हो तो दूध में शहद डालकर पीना चालू कीजिये..गुरु को बल देना हो तो दूध में हल्दी/केशर डालकर पीजिए...इसी तरह शुक्र को बल देना है तो दूध के साथ अश्वगंधा लीजिए...आप जितनी अधिक कॉफी पियोगे राहू आप पर उतना ही हावी रहेगा,कभी गौर करना अतः लंबे समय तक कॉफ़ी नही पीनी चाहिए शौकीयतौर पर पीजिये..

6.योगकारक ग्रहो से संबंधित रंग के वस्त्र धारण करने की कोशिश करे...पैंट कोई भी चलेगा पर शर्त,t-shirt, Hairband, दुपट्टा आदि...जो ग्रह समस्या दे रहे उनके रंग इस्तेमाल कम से कम करे..संभव हो तो नैलपैंट भी योगकारक में से किसी एक ग्रह का (जिसका रंग भड़काऊ ना हो) वो प्रयोग करे...

7.मोबाइल या लैपटॉप पर सन्नी लियोन या शाहरुख खान की जगह संभव हो तो श्रीयंत्र या भगवानों की फ़ोटो रखे,मन शांत रहेगा..

8.उम्र के पड़ाव के हिसाब से ही ग्रह और उनके उपाय काम करते है अतः छोटे बच्चो और बुजुर्गों पर भी ये बात लागू होती है..इनको सिर्फ भगवान की भक्ति फायदा देती है..रत्न अपना पूरा प्रभाव इनके स्किन और रक्तप्रवाह के कारण नही दिखा पाते..जिस तरह यौन उत्तेजनाओं की गोली का जितना फायदा युवा को हो सकता है उतना फायदा ना तो किसी बच्चे को होगा ना ही किसी बुजुर्ग,यही सूत्र रत्नों के ऊपर लागू होता है...

9.ग्रहो से बलवान होता है समय(काल)...समय अच्छा हो तो ग्रह भी आपको बुरा फल नही देते और जब समय खराब हो तो योगकारक ग्रह भी आपको अकेला छोड़कर हिमालय में तपस्या करने चले जाते है या फिर "आउट ऑफ कवरेज मोड" पर चले जाते है सो समय कैसा भी हो भक्ति में अपना समय अवश्य लगाये..

दुख में स्मिरण सब करे,सुख में करे ना कोय..
जो सुख में भी स्मिरण करे,तो दुख काहे को होय...

ज्योतिष शास्त्र में हल्दी का महत्व और उसके चमत्कारिक प्रयोग


हल्दी एक विशेष प्रकार की औषधि है, जिसमें दैवीय गुण भी हैं| हिन्दू धर्म में हल्दी को शुभ और मंगलकारी माना गया है|हल्दी भोजन में स्वाद के साथ जीवन में संपन्नता भी लाती है|यह मुख्य रूप से विषरोधक होती है और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है| इसलिए हल्दी का प्रयोग हवन और औषधियों में भी किया जाता है|

1. पूजा के समय कलाई में या गर्दन पर हल्दी का छोटा सा टीका लगाने पर बृहस्पति मजबूत होता है और वाणी में मजबूती आती है।

2. हल्दी का दान करना शुभ माना जाता है। इससे कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का अंत होता है। गुरु ग्रह में अनुकूलता आती है।

3. पूजा के बाद माथे पर हल्दी का तिलक लगाने से विवाह संबंधी कार्यों में सफलता मिलती है।

4. घर की बाउंड्री की दीवार पर अगर हल्दी की रेखा बना दी जाए तो घर में नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं होता।

5. नहाते समय अगर नहाने के पानी में चुटकी भर हल्दी डालकर नहाया जाए तो यह शारीरिक और मानसिक शुद्धता देती है। करियर में सफलता के लिए भी यह प्रयोग अचूक है।

6. हल्दी की गांठ पर मौली लपेट कर सिरहाने रखा जाए तो बुरे सपने नहीं आते। बाहरी हवा से भी बचाव होता है।

7. प्रति गुरुवार श्री गणेश को मात्र एक चुटकी हल्दी चढ़ाई जाए तो विवाह संबंधी रुकावटें दूर होती हैं।

8. भगवान विष्णु और लक्ष्मी की प्रतिमा के पीछे हल्दी की पुड़िया छुपा कर रखने से अति शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

9. हल्दी के प्रयोग से जीवन में संपन्नता आती है। यह मानस की नकारात्मकता दूर करती है। इसीलिए इसे हवन में भी इस्तेमाल किया जाता है।

10. सूर्य को हल्दी मिला जल चढ़ाने से कन्या की शादी मनचाहे वर से होती है।

11. हल्दी की माला से कोई भी मंत्र जप किया जाए तो विलक्षण बुद्धि के स्वामी हो सकते हैं।

दैनिक जीवन में वास्तु के कुछ उपयोगी नियम


सीढियों के निचे कभी भी टॉयलेट बाथरूम रसोई आदि नही बनाना चाहिए वरना घर की पुत्रवधू या बेटियां हमेशा किसी न किसी कारण से परेशान रहेगी | 

आग बिजली से सम्बन्धित उपकरण हमेशा आग्नेय कोण यानी की दक्षिण पूर्व में रखे | इन्हें ईशान कोण में रखने से हमेशा ही घर के सदस्यों को कोई न कोई मानशिक परेशानी बनी रहती है | 

जहां तक सम्भव हो घर को हमेशा चोरस आकार का बनाना चाहिए | 

घर में दक्षिण पश्चिम कोण और ये दोनों दिशा हमेशा भारी और ऊँची होनी चाहिए | 
ईशान कोण हमेशा निचा होना चाहिए और ईशान कोण यदि खाली रखा जाए तो सबसे बेहतर होता है | 
वैसे ईशान कोण में पूजा का स्थान , पानी का स्थान अवस्य बनाया जा सकता है \ 

घर के ब्रह्म स्थान यानी की केंद्र स्थान हमेशा खाली रखना चाहिए वहां कोई भी दिवार पिल्लर या कोई भारी समान कभी नही रखना चाहिए \ 

घर में कोई भी जंगल या म्यूजियम की वस्तु नही रखनी चाहिए और न ही घर में कोई क्रूर फोटो जिसमे किसी के उपर अत्याचार होता हुआ प्रतीत हो रहा हो वो रखनी चाहिए | 

टॉयलेट की सिट लगाते समय इस बात का ध्यान अवस्य रखना चाहिए की बैठते समय बैठने वाले का मुह पूर्व की तरफ न हो . यदि ये दक्षिण या उतर की तरफ हो तो सबसे बेहतर होता है  \ 

कीमती समान की अलमारी आदि हमेशा उतर मुखी रखे | 

चोराहे के उपर मकान लेने से हमेशा बचना चाहिए | इसी प्रकार किसी बड़े अधिकारी या राजनेता के मकान के पास का मकान कई बार खराबी का बड़ा कारण बन जाता है | इस से जातक के अपमानित होने के चांस ज्यादा रहते है | घर के पास पीपल या कांटेदार पेड़ पोधे नही होने चाहिए | 

हमारे घर का वातावरण हमे सबसे ज्यादा प्रभावित करता है इसिलिय घर में हमेशा अकारात्मक ऊर्जा देने वाले समान रखने चाहिए \ घर में कभी भी टूटे हुवे चश्मे . मेज कुसी , टुटा हुआ शीशा बंद घड़ी आदि नही रखनी चाहिए और न ही ऐसी चीजों को किसी चीज से चिपकाकर दोबारा रखनी चाहिए | 

कांटेदार पोधे के साथ कभी भी मनी प्लांट या तुलसी का पोधे एक ही गमले में नही लगाने चाहिए \ 

मित्रों ये कुछ वास्तु नियम है जिनका पालन करके आप अपने घर में सकारात्मक उर्जा का संचार कर सकते है |

ये आसान से टोटके जो करवा सकते हैं आपके घर में बरकत



1. घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगायें और हर शाम को वहाँ घी का दीपक जलायें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक तरंगों का वास नहीं होता है साथ ही लक्ष्मी जी भी प्रसन्न होती हैं।

2. जिस बाक्स में आप पैसे रखते हैं उसमें लाल रंग का कपडा बिछायें और साथ ही चावल यानि की साबुत चावल की एक पोटली बना कर रख दें। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है साथ ही ऐसा करने से लक्ष्मी जी सदैव आपके पास बनी रहती है। पूजा घर में भी लाल कपड़ा बिछाकर रखें और हर शाम को तीन अगरबत्तियाँ जलायें।

3. घर की झाड़ू को कभी भी खुले में ना रखें और ना ही कभी उस पर पैस रखें। अगर ऐसा करते हैं तो तुरंत बंद कर दें क्योंकि ऐसे लक्ष्मी जी का अपमान होता है और वो कभी खुश नहीं होती हैं। झाडू को सदैव ऐसे स्थान पर ऱखें जहाँ से उसे कोई ना देख पायें।

4. जब भी घर में पोंछा लगाये हमेशा पानी में नमक डाल दें। ऐसा करने से घर में अगर नकारात्मक शक्तियों का वास नहीं होता है साथ ही वो घर से दूर रहती हैं ।

5. घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर पर गणेश जी की कृपा सदैव बनी रहती है ।

6. घर में कभी भी बिस्तर पर खाना ना खायें। ऩा ही ऐसे बिस्तर पर सोये जो गंदा हो। बिस्तर पर खाना खाना अशुभ माना जाता है। ऐसा करना लक्ष्मी को रुष्ठ करने के बराबर है।

7. अगर घर में कोई व्यक्ति बहुत ही चिड़चिड़ा हो चुका है और वो भी बिना वजह तो थोड़ी सी राई, साबुत मिर्च, नमक और आटा लें और उस व्यक्ति के ऊपर से उसार कर जला दें। जब जलायें तो उस व्यक्ति को उस आग को देखते रहने के लिए बोलें। ऐसा करने से चढ़ी हुयी नजर उतर जाती है ।

8. घर में धन प्राप्ति के लिए हनुमान जी की फोटो अथवा प्रतिमा लगाये जिसमें वो उड़ रहे हों। ऐसी प्रतिमा बहुत ही शुभ मानी जाती है और उस प्रतिमा की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए।

9. जब भी खाना बनायें पहली रोटी गाय की निकालें। इसके अलावा जब तवा गरम हो जाये तो उसे पानी की छींटे डाले और फिर रोटी। ऐसा करने से घर में बरकत होती है।

10. शानिवार, मंगरवार और बृहस्पतिवार को ना कपड़े धोये और ना ही सिर, ना ही नाखून काटें। ऐसा करने से धन घर में नहीं रुकता है। इस दिन सिर में तेल भी ना लगायें। ब्रहस्पतिवार को पीले फल ना खायें खासकर केले क्योंकि इसकी पूजा होती है।

अमीर बनना चाहते हैं तो जानिए शुक्रवार के दिन क्या करें


शुक्र ग्रहों में सबसे चमकीला है और प्रेम का प्रतीक है। अपने जीवनसाथी को कष्ट देने, किसी भी प्रकार के गंदे वस्त्र पहनने, घर में गंदे एवं फटे-पुराने वस्त्र रखने से शुभ-अशुभ फल देता है। शुक्र ग्रह भोग-विलास, सांसारिक सुख, प्रेम, मनोरंजक, व्यवसाय, पत्नी का कारक ग्रह है। मूत्राशय, चर्म संबंधी बीमारी से इसका सीधा संबंध है।

* अपने भोजन को जूठा करने से पूर्व कुछ भाग गाय का निकालें।
* शुक्रवार को सफेद वस्त्र धारण करें।
* चांदी, चावल, दूध, दही, श्वेत चंदन, सफेद वस्त्र तथा सुगंधित पदार्थ किसी पुजारी की पत्नी को दान करें।
* घर में तुलसी का पौधा लगाएं और उसकी पूजा करें।
* श्वेत चंदन का तिलक करें।
* पानी में चंदन मिलाकर स्नान करें।
* चांदी का टुकड़ा या चंदन की लकड़ी नदी या नहर में प्रवाहित करें।
* सुगंधित पदार्थ का इस्तेमाल करें।
* संतान प्राप्ति के चाहवान दंपति हरसिंगार का पौधा घर में लगाएं तथा उसको ऐसे सींचे, जैसे अपने छोटे बच्चे की देखभाल करते हैं।
* शुक्रवार के दिन व्रत रखें।
* खीर कौओं और गरीबों को खिलाएं।
* शुक्रवार के दिन सफेद गाय को आटा खिलाना चाहिए।
* किसी खराब आंख वाले व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान करें।
* शुक्रवार के दिन गौ-दुग्ध से स्नान करना चाहिए।
* शुक्र बलवान होने पर‍ सिले हुए सुंदर वस्त्र, सेंट (परफ्यूम) और आभूषण उपहार में नहीं देने चाहिए। शुक्र से संबंधित वस्तुओं जैसे सुगंध, घी और सुगंधित तेल का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

कुंडली में दिख रहा तलाक कैसे रोकें


कुंडली में अक्सर गलत जगह राहु होने के कारण पति पत्नी में तलाक की स्थिति पहुंच जाती है। अष्टम या सप्तम भाव में राहु, केतु या सूर्य ग्रह के आने से भी ग्रह कलेश का कारण बनता है। कुंडली में सप्तम भाव में शनि भी तलाक का कारण बन सकता है।

बचने के उपाय:

कुंडली में अगर शनि का दोष हो तो रुद्राक्ष धारण करें। शनि ग्रह को शांत करने की कोशिश करें। केतु के कारण यदि तलाक का योग बनता हो तो 9 मुखी रुद्राक्ष धारण करें। गणेशजी की पूजा करें। राहु कारण बन रहा है तो 8 मुखी रुद्राक्ष धारण करें। पुरुष सलाह लेकर हीरे को धारण करें। इससे घर में शांति और धन वृद्धि होती है।

आपसी कलह का निपटारा करने के लिए रात को सोते समय अपने सिर को पूर्व दिशा की ओर कर के सोएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचारित होगी और शांति मिलेगी। बात कचहरी तरह पहुंच गई हो तो घर के दक्षिण दिशा में तीन गोमती चक्र फेंक दें एवं एक सिंदूर की डिबिया में पाँच गोमती चक्र डालकर उसे पूजा स्थल पर रख दें और प्रतिदिन पूजा के समय महिलाएं उससे मांग भरे और पुरुष तिलक करें। तलाक रोकने के लिए यह एक बेहद कारगर उपाय है।

इन 9 आदतों से नवग्रहों का करें सम्मान कर सुधारें अपना जीवन


• अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं वाश बेसिन में ही यह काम कर आया करें ! यश, मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी।

•जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती.!बहुत मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते.!

•अगर आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं ! इससे मानसिक शांति बढ़ कर अड़चनें दूर होती हैं।

•जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आये, चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएं ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं.!

•जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी  पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता.! अचानक आ पड़ने वाले कष्ट-संकट नहीं आते।

•घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है.!

•जिस घर में सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों का डटकर सामना कर पाने का सामर्थ्य आ पाता है ! परेशानियां दूर होकर सुकून आता है।जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को depression, anxiety जैसी परेशानियाँ नहीं पकड़ पातीं.!

•जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर फैंक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं.!

•इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।

•उन लोगों का राहु और शनि खराब होगा, जो लोग जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा, सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं ?

•उसपर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपडे़ तक फैला कर रखते हैं ! ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं.

•इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेट दें.! जीवन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर होता चला जायेगा।

•पैरों की सफाई पर हम लोगों को हर वक्त ख़ास ध्यान देना चाहिए, जो कि हम में से बहुत सारे लोग भूल जाते हैं ! नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोयें, कभी भी बाहर से आयें तो पांच मिनट रुक कर मुँह और पैर धोयें.!

•आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढे़गी और क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगेगा.! आनंद बढ़ेगा।

•रोज़ खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं.

•इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है.!

•उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है.! हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है.!

•ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है.!

•जूठन बिल्कुल न छोड़ें । ठान लें । एकदम तय कर लें। पैसों की कभी कमी नहीं होगी। कहावत है कि खाओ मन भर, छोडो मत् कण भर|

•न्यथा नौ के नौ गृहों के खराब होने का खतरा सदैव मंडराता रहेगा। कभी कुछ कभी कुछ परेशानी आती रहेगी । जो जरूरी  काम है वो पड़े रह जायेंगे । और समय व पैसा कहां जायेगा पता ही नहीं चलेगा।

अतः इन सभी बातों पर ध्यान दें और जीवन को आनंद पूर्वक जियें । अच्छी बातें बाँटने से दोगुनी तो होती ही हैं- अच्छी बातों का महत्त्व समझने वालों में आपकी इज़्जत भी बढ़ती है|

जन्मकुंडली में संयुक्त ग्रहों के प्रभाव और उपाय


यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में शुक्र और सूर्य की युति किसी भी भाव में हो तो जातक को दुर्गा पूजन लाभदायक होगा ।

सूर्य.शनि की युति कुण्डली के किसी भी भाव में होने पर जातक बादाम,नारियल बहते पानी में बहाए।

सूर्य.राहू की युति होने पर जातक जौ को दूध या गौ मूत्र से धोकर बहते पानी में बहायें।

यदि जातक की कुण्डली में बुध अशुभ या नीच राशि का हो तब जातक मंगल एवं राहू के उपाय करके बुध के दुश्प्रभाव को दूर करें।

- सूर्य.केतु की युति होने पर सूर्य ग्रहण के समय तिल,नींबू,पका केला बहते पानी जैसे नदी में बहायें।

- गौ मूत्र घर में छिड़कने से केतु.शुक्र एवं बुध का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है ।
- जातक की जन्म कुण्डली में चंद्र.शुक्र की युति हो तो चांदी की ठोस गोली हमेसा अपने जेब में रखें ।

- चंद्र.शनि की युति होने पर भानि एवं केतु के उपाय लाभकारी होते है। चंद्रग्रहण के समय भानि की वस्तुएं बहते पानी में बहाने से लाभ होता है।

- भानि.चंद्र के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए सूर्य का उपाय करें ।

- कुण्डली में मंगल.राहू की युति होने पर मिट्टी के बर्तन में जौ भरकर बहते पानी जैसे नदी में बहाये तथा मंगल का उपाय करें ।

- बुध.शनि की युति में जातक को भाराब मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।

- बुध.राहू की युति हो तो जातक को कच्ची मिट्टी की सौ गोलियां बनाकर एक गोली प्रतिदिन धर्म स्थल में पहुंचानी चाहिएं।

- गुरू.बुध की युति में खांड से भरा मिट्टी का बर्तन भूमि में दबाना चाहिए।

- चंद्र.राहु की युति हो, तब चंद्रग्रहण पर जौं, कोयला, सरसों आदि राहु की वस्तुएं बहते पानी में बहायें और मंगल,गुरू का उपाय करें।

- चंद्र.केतु की युति होने पर जातक बुध एवं केतु की वस्तुओं का दान करें । तीन केले प्रतिदिन ४८ दिन तक मंदिर में दान करें।

- मंगल.बुध की अशुभ युति में जातक मंगल का उपाय करें ।

- मंगल. शनि की युति होने पर मंगल या भानि का उपाय करें साथ ही चंद्र का उपाय करें।

- शुक्र.राहु की युति होने पर दूध एवं हरे नारियल का दान करें ।

- यदि कुण्डली में सूर्य.चंद्र.राहु की युति हो तो जातक दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।

-इसी तरह सूर्य.चंद्र.केतु की युति होने पर भी दुर्गा उपासना करें एवं बुध का उपाय करें ।

- कुण्डली में सूर्य.बुध.शुक्र की युति होने पर जातक कान में स्वर्ण धारण करें तथा काला,सफेद कुत्ता पाले । शुध्द चांदी का छल्ला भी धारण कर सकते है।

- गुरू. शनि की युति में, शराब,मांस,मदिरा का उपयोग न करे। शिव उपासना करें। चंद्र का उपाय करें ।

- गुरू.राहु की युति में अशुभता से बचने के लिए सोना धारण करें। चितकबरें कुत्ते की सेवा करें। जौं को दूध से धोकर लगातार ४३ दिन तक बहते पानी में बहायें।

-शुक्र. शनि की युति हो तो तांबे का पैसा बहते पानी में बहायें और दाम भाव में जो भी ग्रह बैठा हो उसका उपाय करें।

- सूर्य.बुध.राहु की युति हो तो जातक चंद्रमा का उपाय करें।

- यदि सूर्य.बुध की युति हो तो गायत्री पाठ करें । हरे तोते पाले ।

- चंद्र.मंगल और भानि की युति में मंगल का उपाय करें।

- चंद्र.मंगल.राहु की युति हो तो दूध में मीठा हलुआ बनाकर स्वयं खाये तथा दुसरों को खिलाएं।

- गुरू.शनि.राहु की युति हो तो भानि की वस्तुएं भूमि में दबायें।

- यदि शनि.राहु.शुक्र की युति हो तो जातक रोटी के तीन टुकड़े करके एक गाय को एक कुत्ता और एक कौएं को खिलाएं।

- गुरू.शनि.बुध की युति हो तो बुध की वस्तुएं जैसे हरा मूंग कुएं में गिराये तथा बुध को उच्च करें।

- गुरू.मंगल.बुध की युति हो तो जातक सोना धारण करे।

- शुक्र.शनि.बुध की युति हो,तो काली गाय या काला कुत्ते को रोटी दें।

कुंडली में ग्रहों के भावों के आधार पर ही करें ये काम


1.कभी भी उच्च के ग्रहों का दान नहीं करना चाहिए और नीच ग्रहों की कभी पूजा नहीं करनी चाहिए।

2 .कुंडली में गुरु दशम भाव में हो या चौथे भाव में हो तो मंदिर निर्माणके लिए धन नहीं देना चाहिए यह अशुभ होता है और जातक को कभी भी फांसी तकपहुंचा सकता है।

3. कुंडली के सप्तम भाव में गुरु हो तो कभी भी पीले वस्त्र दान नहीं करने चाहिए।

4 .बारहवें भाव में चन्द्र हो तो साधुओं का संग करना बहुत अशुभ होगा। इससे परिवार की वृद्धि रुक सकती है।

5 .सप्तम/अष्टम सूर्य हो तो ताम्बे का दान नहीं देना चाहिए, धन की हानि होने लगेगी।

6. मंत्रोच्चारण के लिए शिक्षा-दीक्षा लेनी चाहिए क्योंकि अशुद्ध उच्चारण से लाभ की बजाय हानि अधिक होती है।

7. जब भी मंत्र का जाप करें उसे पूर्ण संख्या में करना जरूरी है।

8. मंत्र एक ही आसन पर, एक ही समय में सम संख्या में करना चाहिए।

9 .मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद दशांश हवन अवश्य करना चाहिए तभी पूर्ण फल मिलता है।

10.कुछ लोग वार के अनुसार वस्त्र पहनते हैं, यह हर किसी के लिए सही नहींहोता है। कुंडली में जो ग्रह अच्छे हैं उनके वस्त्र पहनना शुभ है लेकिन जोग्रह शुभ नहीं हैं उनके रंग के वस्त्र पहनना गलत हो सकता है।

11. कईबार किसी से सलाह लिए बिना कुछ लोग मोती पहन लेते हैं, यह गलत है अगरकुंडली में चन्द्रमा नीच का है तो मोती पहनने से व्यक्ति अवसाद में आ सकताहै।

12. अक्सर देखा गया है कि किसी की शादी नहीं हो रही है तोज्योतिषी बिना कुंडली देखे पुखराज पहनने की सलाह दे देते हैं इसका उल्टाप्रभाव होता है और शादी ही नहीं होती।

13. कुंडली में गुरु नीच का, अशुभ प्रभाव में, अशुभ भाव में हो तो पुखराज कभी भी नहीं पहनना चाहिए।

14. कई लोग घर में मनी प्लांट लगा लेते हैं यहसुनकर कि इससे घर में धनवृद्धि होगी लेकिन तथ्य तो यह है कि अगर बुध खराब हो तो घर में मनी प्लांटलगाने से घर की बहन-बेटी दुखी रहती हैं।

15. कैक्टस या कांटे वालेपौधे घर में लगाने से शनि प्रबल हो जाता है अतः जिनकी कुंडली में शनि खराबहो उन्हें ऐसे पौधे नहीं लगाने चाहिए।